रविवार, 13 अगस्त 2017

सभी गुर्जर संगठनों का एकमत निर्णय 24 अगस्त को गुर्जर समाज मनाएगा मिहिरोत्सव

याद है आपको कि
"सौ कोस का गुर्जर एक हो जाता है |"
समाज में कुछ लोग दो-दो अंतराष्ट्रीय गुर्जर दिवस मना कर ना सिर्फ बांटने का कार्य कर रहे है बल्कि समाज को मज़ाक बनवा रहे है | इनको अपनी जिम्मेवारी का एहसास होना चाहिए |
ऐसे में वो सभी गुर्जर जो इस महासभा से जुड़े नहीं है उनकी जिम्मेवारी ज्यादा बढ़ जाती है कि वह इस दिशा में कुछ करें | इसलिए आप सभी से अनुरोध है कि अब से भविष्य में हम मिहिर भोज़ जयंती को हर वर्ष 'मिहिरोत्सव' के रूप में मनाये | अंतराष्ट्रीय गुर्जर दिवस 22 मार्च को ही  मनता रहना चाहिए | आखिर एक महासभा की मनमानी सारा गुर्जर समाज क्यों सहन करें | गुर्जर समाज 'एक महासभा' से बहुत विस्तृत और विशाल है |
मिहिरोत्सव को आप छोटे-बड़े स्तर पर मनाये | बहुत छोटे स्तर पर ये किया जा सकता है कि कुछ भाई-बहन कुछ 40-50 गरीबों को पूरी-सब्जी खिला दे या बाँट दे |
सौ कोस के गुर्जर को एक होने की आवश्यकता है आज |
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